लाइव हिंदी खबर :- पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है। राज्य की सभी 294 सीटों पर कुल 92.84% वोटिंग हुई जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इससे पहले साल 2011 में 84.72% मतदान हुआ था जिसे इस बार काफी पीछे छोड़ दिया गया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान करना इस बात का संकेत है कि जनता लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक और सक्रिय हो चुकी है। चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर 92.48% मतदान हुआ जबकि पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19% वोट पड़े थे। दोनों चरणों के आंकड़े यह दिखाते हैं कि पूरे राज्य में मतदान का उत्साह एक जैसा बना रहा।

खास बात यह रही कि महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 92.28% रहा जबकि पुरुषों का 91.07%। यह बदलाव समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में भी इस बार 85% से ज्यादा मतदान हुआ है। हालांकि केरल में सबसे कम 78.03% वोटिंग दर्ज की गई। इसके बावजूद सभी राज्यों में कुल मिलाकर अच्छा मतदान देखने को मिला। यह साफ दिखाता है कि देशभर में लोग अपने मताधिकार को लेकर सजग हो रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। इतनी बड़ी वोटिंग के बीच कुछ जगहों पर विवाद और तनाव की घटनाएं भी सामने आईं। कहीं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी की शिकायत हुई तो कहीं राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।
कुछ इलाकों में लाठीचार्ज और हंगामे की खबरें भी आईं। हालांकि इन घटनाओं के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराया गया। अब सभी की नजर 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर है। रिकॉर्ड मतदान ने यह साफ कर दिया है कि जनता अपने भविष्य को लेकर गंभीर है और बदलाव चाहती है। इतनी बड़ी भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि जनता ने किसे अपनी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है लेकिन एक बात साफ है कि इस बार चुनाव में जनता की भूमिका सबसे अहम रही।