लाइव हिंदी खबर :- अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर फैले संक्रमण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस जहाज पर हंतावायरस नाम के खतरनाक वायरस का संदेह जताया गया है जिससे अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कई अन्य यात्री बीमार बताए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए जहाज को अफ्रीका के तट पर रोक दिया गया है और किसी भी यात्री को उतरने की अनुमति नहीं दी गई है। इस कदम का उद्देश्य संक्रमण को फैलने से रोकना है। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार जहाज पर मौजूद कुछ लोगों में वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं। एक मामले की पुष्टि भी हो चुकी है जबकि बाकी की जांच जारी है। बीमार यात्रियों को अलग रखा गया है और कुछ को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही है।

जहाज पर डॉक्टर मौजूद है लेकिन गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ रही है। इस वजह से पूरे जहाज को निगरानी में रखा गया है। यह क्रूज शिप कई देशों की यात्रा करते हुए आगे बढ़ रहा था। खास बात यह है कि जिन क्षेत्रों से जहाज गुजरा वहां इस वायरस के मामले पहले सामने नहीं आए थे। ऐसे में विशेषज्ञ यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि संक्रमण आखिर शुरू कहां से हुआ। संभावना जताई जा रही है कि वायरस जहाज के अंदर ही फैला हो सकता है जिससे यह मामला और गंभीर बन गया है। हंतावायरस एक ऐसा संक्रमण है जो मुख्य रूप से चूहों के संपर्क से फैलता है। यह वायरस चूहों के मल-मूत्र या लार के जरिए इंसानों तक पहुंचता है।
यदि कोई व्यक्ति इन चीजों के संपर्क में आने के बाद अपने चेहरे या मुंह को छूता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी सीधे हवा से नहीं फैलती लेकिन इसके बावजूद यह काफी खतरनाक मानी जाती है क्योंकि इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं और इलाज सीमित है। इस वायरस का कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं है। मरीजों का इलाज उनके लक्षणों के आधार पर किया जाता है। गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है जिसके लिए विशेष चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान और इलाज से जान बचाई जा सकती है। फिलहाल जहाज पर स्थिति को नियंत्रित करने और संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है ताकि आगे कोई बड़ा खतरा न पैदा हो।