लाइव हिंदी खबर :- पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी इसकी चर्चा हो रही है। वहां की सत्ताधारी पार्टी ने BJP की जीत पर खुशी जताते हुए उम्मीद जताई है कि इससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हो सकते हैं। उनका मानना है कि नई राजनीतिक परिस्थितियां आपसी सहयोग को बढ़ाने में मदद करेंगी। बांग्लादेश के नेताओं का कहना है कि भारत और उनके देश के बीच लंबे समय से कई मुद्दों पर बातचीत चल रही है लेकिन कुछ मामलों में प्रगति धीमी रही है। उनका मानना है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन से नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

खासतौर पर सीमा से जुड़े मुद्दों और व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे का है। यह नदी भारत से होकर बांग्लादेश जाती है और दोनों देशों के लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। बांग्लादेश लंबे समय से इस नदी के पानी में अधिक हिस्सेदारी की मांग करता रहा है ताकि उसके किसानों और आम लोगों को राहत मिल सके।
तीस्ता जल बंटवारा समझौता कई सालों से लंबित है। अलग-अलग सरकारों ने इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन यह अब तक अंतिम रूप नहीं ले सका। इसका मुख्य कारण राज्य और केंद्र के बीच सहमति का अभाव रहा है। कई बार बातचीत आगे बढ़ी लेकिन अंतिम समय में इसे लागू नहीं किया जा सका।