लाइव हिंदी खबर :- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर घुटनों के बल बैठ गए और जनता को प्रणाम किया।

इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भाजपा के 98 वर्षीय कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान भी किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। भाजपा नेताओं ने इसे कार्यकर्ताओं के सम्मान का प्रतीक बताया। सुवेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल हैं। सभी नेताओं को भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय और मजबूत चेहरों के रूप में देखा जाता है।
पार्टी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का प्रारंभिक स्वरूप तैयार किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा आने वाले समय में राज्य में अपने संगठन को और मजबूत करने की कोशिश करेगी। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के एक साधारण परिवार से आने वाले सुवेंदु बचपन से ही धार्मिक और अनुशासित स्वभाव के माने जाते थे। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे बंगाल की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई। नंदीग्राम आंदोलन के बाद वे राज्य की राजनीति में बड़े चेहरे के रूप में उभरे।
इस चुनाव में उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का बड़ा संदेश दिया। भाजपा की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले बंगाल में अब भाजपा सरकार बनने से नई राजनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी सरकार विकास, रोजगार और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देगी। वहीं विपक्ष आने वाले दिनों में सरकार के फैसलों पर नजर बनाए हुए है। बंगाल की जनता अब नई सरकार से बड़े बदलाव और बेहतर प्रशासन की उम्मीद कर रही है।