लाइव हिंदी खबर :- ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने कई अहम जानकारियां साझा की हैं। सेना के अनुसार पाकिस्तान ने चीन और तुर्किये की मदद से भारत के खिलाफ बड़े स्तर पर ड्रोन हमला करने की योजना बनाई थी। 7 और 8 मई की रात पाकिस्तान ने गुजरात से लेकर कश्मीर तक करीब 900 ड्रोन दागे थे। इन हमलों का मकसद भारत के सैन्य ठिकानों और सुरक्षा नेटवर्क को नुकसान पहुंचाना था लेकिन भारतीय सेना और वायुसेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम देने की कोशिश की थी। उसका पहला उद्देश्य भारत की एयर डिफेंस प्रणाली को कमजोर करना था।

सस्ते ड्रोन के जरिए वह भारत को महंगी मिसाइलें इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करना चाहता था। दूसरा मकसद आर्थिक दबाव बनाना था ताकि भारत को भारी सैन्य खर्च उठाना पड़े। इसके अलावा पाकिस्तान भारतीय रडार और सर्विलांस सिस्टम की जानकारी जुटाना चाहता था। वह भारत की सुरक्षा व्यवस्था में कमियां खोजकर भविष्य की रणनीति तैयार करना चाहता था लेकिन भारतीय तकनीक और सतर्कता ने उसकी हर योजना को विफल कर दिया। भारतीय वायुसेना के एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम ने इस पूरे अभियान में सबसे अहम भूमिका निभाई। सेना के अनुसार अधिकांश ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए गए। पाकिस्तान का एक भी हमला किसी बड़े सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा सका।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध में इस्तेमाल होने वाली स्वॉर्म ड्रोन रणनीति को अपनाने की कोशिश की थी। हालांकि भारत की आधुनिक नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली ने इस चुनौती का सफल जवाब दिया। सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीति का संकेत था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। भारतीय सेना ने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सीमा पार बैठे आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने नहीं मिलेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर का नाम भी खास सोच के साथ चुना गया था। पहलगाम आतंकी हमले में कई महिलाओं ने अपने पति खो दिए थे। इसी दर्द और भावनात्मक जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा गया। सरकार और सेना ने इसे देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश के रूप में पेश किया। ऑपरेशन ने यह दिखा दिया कि भारत अब हर चुनौती का जवाब पूरी ताकत और तैयारी के साथ देने में सक्षम है।