भारत-यूएई के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग मजबूत

लाइव हिंदी खबर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के UAE दौरे ने एक बार फिर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्तों को नई मजबूती दी है। अबूधाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विमान को सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया जिसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों का बड़ा संकेत माना जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में राजनीतिक और सुरक्षा हालात लगातार चर्चा में हैं।

भारत-यूएई के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी और UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच LPG सप्लाई को लेकर अहम समझौता हुआ जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और गुजरात के वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

UAE ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान भी किया है। यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों देशों का उद्देश्य आने वाले समय में आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाना है।

UAE हाल ही में तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC से अलग होने की घोषणा कर चुका है और अब वह अपना कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में भारत और UAE के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा समझौतों की संभावना और मजबूत हो गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देश के लिए यह साझेदारी भविष्य में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर भारत-UAE रिश्तों को भरोसे और दोस्ती पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए साथ मिलकर काम करते रहेंगे। यह दौरा केवल आर्थिक समझौतों तक सीमित नहीं रहा बल्कि इससे दोनों देशों के राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों को भी नई दिशा मिली है।

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