लाइव हिंदी खबर :- मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के रिश्ते एक बार फिर बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गए हैं। ईरान की संसद में ऐसा बिल लाने की तैयारी की खबर सामने आई है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले को भारी इनाम देने की बात कही गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह इनाम करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और दुनिया की नजरे अब ईरान-अमेरिका संबंधों पर टिक गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की संसद का राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि देश की सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई से जुड़ा एक विशेष बिल तैयार किया जा रहा है। ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने भी संकेत दिए हैं कि संसद में जल्द इस मुद्दे पर चर्चा और वोटिंग हो सकती है। बताया जा रहा है कि ईरान के कई बड़े सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत के बाद देश के भीतर गुस्सा बढ़ा है और उसी के बाद यह कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल रोक दिया गया है। ट्रम्प के अनुसार कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देशों ने बातचीत और कूटनीतिक समाधान के लिए कुछ समय मांगा था। इसी वजह से अमेरिका ने तत्काल कार्रवाई को टाल दिया। हालांकि ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठा सकता है।
ईरान और अमेरिका के तनाव का असर अब वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बड़ी संख्या में कारोबारी जहाज फंसे होने की खबरें सामने आई हैं। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यहां हालात और बिगड़े तो तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
ईरान, अमेरिका – इजराइल के बीच बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय मामला नहीं रह गया है बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने शांति और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। आने वाले दिनों में ईरानी संसद का फैसला और अमेरिका की रणनीति तय करेगी कि हालात शांत होंगे या तनाव और बढ़ेगा।