लाइव हिंदी खबर :- पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने रविवार को दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर बैठक की। इस बैठक में टीएमसी सांसद सायोनी घोष, प्रसून बनर्जी समेत कई बड़े नेता पहुंचे। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी बैठक में मौजूद रहे। इस मुलाकात के बाद बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

दिल्ली पहुंचने के बाद सायोनी घोष ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की। उन्होंने कहा कि वह अभी कुछ नहीं बोलेंगी और सही समय आने पर अपनी बात रखेंगी। हाल ही में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने सायोनी घोष और माला रॉय को पार्टी के पदों से हटा दिया था। सायोनी टीएमसी की युवा इकाई की अध्यक्ष थीं। उनके दिल्ली पहुंचने से अटकलें और तेज हो गई हैं।
बागी गुट की सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि अब उनके साथ 22 लोकसभा सांसदों का समर्थन है। इससे पहले उन्होंने 20 सांसदों का दावा किया था। टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसद हैं। अगर यह दावा सही साबित होता है तो पार्टी के भीतर बगावत और मजबूत हो सकती है। काकोली ने कहा कि बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक दल-बदल कानून के तहत किसी भी अलग गुट को मान्यता तभी मिलती है जब उसके पास पार्टी के कम से कम दो-तिहाई सांसद या विधायक हों। बागी गुट का दावा है कि उनके पास यह संख्या मौजूद है। हालांकि अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष के पास होगा। ममता बनर्जी का गुट इस मामले को कानूनी चुनौती भी दे सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।