लाइव हिंदी खबर :- एपल ने अपने iPad और MacBook की कीमतों में भारत और अमेरिका समेत कई देशों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री के तेजी से बढ़ने के कारण मेमोरी और स्टोरेज चिप की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से अब कंपनी के लिए पुराने दाम पर उत्पाद बेचना मुश्किल हो गया है। भारत में कुछ मॉडल की कीमतों में लगभग एक लाख रुपये तक का इजाफा देखा गया है।

नई कीमतों का असर फिलहाल iPad, MacBook Air, MacBook Pro, HomePod और Apple TV जैसे प्रोडक्ट्स पर पड़ा है। iPhone की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि उसने लंबे समय तक बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाया लेकिन अब ऐसा करना संभव नहीं रहा। इस फैसले के बाद टेक बाजार में भी हलचल देखने को मिली और कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। AI डेटा सेंटर बनाने वाली बड़ी कंपनियां बड़ी मात्रा में मेमोरी चिप खरीद रही हैं। इसके चलते इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए चिप की उपलब्धता कम हो गई है।
जब सप्लाई घटती है और मांग बढ़ती है तो कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है। इसी वजह से कंप्यूटर और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पाद महंगे करने पड़ रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में iPhone की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। DRAM मेमोरी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के कारण पूरे गैजेट बाजार पर असर पड़ने की आशंका है। अगर यही स्थिति बनी रही तो इस साल स्मार्टफोन और पीसी की बिक्री में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में ग्राहकों को आने वाले महीनों में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदने के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।