लाइव हिंदी खबर :- भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के कारण भारत और अमेरिका के संबंध पिछले तीन दशकों में सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में लिए गए कुछ फैसलों ने दोनों देशों के बीच विश्वास को प्रभावित किया है। उनके अनुसार मजबूत साझेदारी बनाए रखने के लिए आपसी भरोसा और संवाद सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

रो खन्ना ने ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीति और विदेश नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ अहम फैसले भारत, यूरोप और कनाडा जैसे सहयोगी देशों से पर्याप्त सलाह-मशविरा किए बिना लिए। उनके मुताबिक इस तरह के एकतरफा कदमों से सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारिक टैरिफ ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर भी असर डाला है और इससे लंबे समय में विश्वास को नुकसान पहुंचा है।
खन्ना ने दावा किया कि यदि इन नीतियों की समीक्षा नहीं की गई तो अमेरिका के वैश्विक संबंधों पर इसका असर जारी रह सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में नई राजनीतिक परिस्थितियों के साथ अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। उनका कहना था कि भारत जैसे रणनीतिक साझेदार के साथ मजबूत संबंध दोनों देशों के हित में हैं।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास भारत-अमेरिका साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।