बारिश में घर की दीवारें दे रही हैं ये संकेत, तुरंत हो जाएं सावधान

लाइव हिंदी खबर :- मानसून में लगातार बारिश होने से घर की छत, बाहरी दीवारों और पाइप के आसपास नमी बढ़ जाती है। अगर छत की वाटरप्रूफिंग कमजोर है या कहीं छोटी दरार बनी हुई है, तो पानी धीरे-धीरे अंदर पहुंचने लगता है। शुरुआत में यह समस्या छोटी दिखाई देती है, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो घर को काफी नुकसान हो सकता है। घर में पानी टपकने से पहले कई संकेत दिखाई दे सकते हैं। दीवार पर नमी के दाग, पेंट का फूलना या उखड़ना, प्लास्टर में दरार, छत पर काले निशान और कमरे में सीलन की गंध को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन संकेतों से पता चलता है कि पानी किसी रास्ते से अंदर पहुंच रहा है।

बारिश के दौरान छत के कोनों, पानी की निकासी वाली जगहों, पाइप के जोड़ और बाहरी दीवारों के जॉइंट पर लीकेज का खतरा ज्यादा रहता है। खिड़की-दरवाजे के आसपास की दरारों से भी पानी घर के अंदर आ सकता है। इसलिए इन जगहों की समय-समय पर जांच करना जरूरी है। लंबे समय तक दीवारों में नमी रहने से प्लास्टर कमजोर हो सकता है और पेंट खराब होने लगता है। फफूंदी बढ़ने से कमरे में बदबू भी आ सकती है। ज्यादा सीलन फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर पानी बिजली की वायरिंग तक पहुंच जाए तो शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ सकता है।

पानी टपकने की स्थिति में सबसे पहले उस जगह के आसपास रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और बिजली के उपकरण हटा दें। जरूरत हो तो संबंधित बिजली की सप्लाई बंद कर दें। पानी जमा होने पर उसे साफ करते रहें और रिसाव वाली जगह के नीचे बर्तन रख दें। बारिश रुकने के बाद छत और दीवार की अच्छी तरह जांच करवाकर दरार, पाइप या वाटरप्रूफिंग की स्थायी मरम्मत कराना बेहतर है।

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