
लाइव हिंदी खबर :- सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिनका आरोप है कि उन्होंने संगठित साइबर अपराधियों के साथ मिलकर म्यूले अकाउंट खोले थे। इन खातों का इस्तेमाल बाद में साइबर फ्रॉड के लिए फंड ट्रांसफर में किया गया।

CBI के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान डिजिटल डिवाइसों का विश्लेषण किया गया और पर्याप्त सबूत मिले। गिरफ्तार अधिकारियों में कैनरा बैंक, पटना के तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर और एक्सिस बैंक, पटना के तत्कालीन बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट शामिल हैं।
CBI ने बताया कि ये म्यूले अकाउंट साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए खोले गए थे। जांच के दौरान प्राप्त सबूतों के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षित लेन-देन सुनिश्चित करने और साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी। CBI इस मामले में आगे भी आवश्यक जांच कर रही है।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि बैंकिंग प्रणाली में शामिल कर्मचारी भी अपराधियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर सकते हैं, इसलिए कड़ी निगरानी और जांच की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु:
- दो बैंक अधिकारी गिरफ्तार।
- म्यूले अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में हुआ।
- गिरफ्तार अधिकारी: कैनरा बैंक और एक्सिस बैंक, पटना के कर्मचारी।
- CBI की जांच जारी।
यह कार्यवाही साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश है और बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।