लाइव हिंदी खबर :- पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर नियंत्रण रेखा के पास एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करना शुरू कर दिया है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक यह तैनाती कम से कम तीन संवेदनशील सेक्टरों में की गई है। पाकिस्तान को आशंका है कि भारत भविष्य में ऑपरेशन सिंदूर जैसी कोई सटीक और सीमित सैन्य कार्यवाही कर सकता है, इसलिए वह अपनी हवाई निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है।

पिछले कुछ वर्षों में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। इन ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं। भारत ने कई बार पाकिस्तान पर ड्रोन के जरिए आतंकियों की मदद करने के आरोप लगाए हैं। इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की ओर से एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती को एक रक्षात्मक कदम माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान को डर है कि भारत ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल और सीमा पार आतंकी गतिविधियों के जवाब में कोई बड़ा कदम उठा सकता है। हाल ही में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने LoC के पास निगरानी बढ़ाई है और ड्रोन विरोधी तकनीक को और उन्नत किया है। ऐसे में पाकिस्तान की यह तैनाती भारत के दबाव और संभावित कार्रवाई की आशंका को दर्शाती है।
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करने से पाकिस्तान ड्रोन के जरिए होने वाली निगरानी या हमलों को रोकने की कोशिश करेगा। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल तकनीकी उपायों से सीमा पर तनाव कम नहीं होगा। इसके लिए आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई और दोनों देशों के बीच संवाद जरूरी है।
कुल मिलाकर LoC पर पाकिस्तान की यह तैनाती क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं की ओर इशारा करती है। आने वाले समय में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।