लाइव हिंदी खबर :- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले में उनकी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता के साथ उसकी छोटी बच्ची के सामने बदसलूकी की गई। इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन एफआईआर में जिन अन्य लोगों के नाम हैं, उन सभी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
इस घटना के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। कूचबिहार में एक रैली के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है।
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन डिलिमिटेशन के प्रस्ताव का विरोध जारी रहेगा। उनका मानना है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
वहीं भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डिलिमिटेशन पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया है और इसका विरोध करना सही नहीं है। उन्होंने ममता बनर्जी के बयान पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह के आरोप सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए लगाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य में चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।