लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह हमला करीब एक घंटे तक चला। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना का कहना है कि हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद यह कदम उठाया गया।

ईरान की सरकारी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी नेताओं ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि युद्धविराम तोड़ने के परिणाम उसे भविष्य में भुगतने पड़ सकते हैं। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए आगे भी जवाबी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
इस घटनाक्रम के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है जबकि लेबनान में भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने की तैयारी की है। तेल बाजार में भी इस तनाव का असर दिखाई दे रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
तनाव के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है। दोनों देशों ने कई संयुक्त समितियां बनाकर आगे की वार्ता का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं तो क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों का अगला कदम क्या होगा।