लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से ज्यादा तनाव अब कम होता नजर आ रहा है। आगामी 21 अप्रैल को खत्म होने वाले सीजफायर से पहले ही दोनों देशों के बीच शांति समझौते की कोशिश की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कुछ अहम मुद्दों पर सहमति दोनों देशों की बननी बाकी है। अगर यह समझौता होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

इस बातचीत में पाकिस्तान, मिश्र और तुर्की की अहम भूमिका है। खासकर पाकिस्तान ने दोनों देशों को बातचीत के लिए एक मंच पर लाने की कोशिश की है। पहले इस्लामाबाद में हुई बैठक भले ही सफल नहीं रही, लेकिन इससे आगे की बातचीत का रास्ता खुला है। तेहरान में इस समय कई महत्वपूर्ण बैठकर हो रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की है।
माना जा रहा है कि आसिम मुनीर अमेरिका का संदेश लेकर आए हैं जिसे समझौते की दिशा में नई उम्मीद माना जा रहा है। अमेरिका ने हॉरमुज जलडमरूमध्य में दवाव बनाते हुए ईरान की समुद्री गतिविधियों पर असर डाला है। इससे ईरान के तेल निर्यात पर असर पड़ रहा है। अमेरिका की इस नाकाबंदी से ईरान के खरग द्वीप से होने वाला तेल निर्यात भी प्रभावित हो सकता है, जो उसकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है।