लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचल पुथल पैदा कर दी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपने संबंधित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। यह बयान उन्होंने लास वेगास में एक प्रेस कांफ्रेंस और बाद में व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिया। ट्रंप के इस दावे के बाद वैश्विक राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता अब काफी करीब है। उनके मुताबिक अगर यह समझौता हो जाता है, तो तेल की आपूर्ति सामान्य हो सकती है और वैश्विक बाजार में स्थिरता लौट सकती है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि समझौता किसी तीसरे देश जैसे पाकिस्तान में हो सकता है और जरूरत होने पर वह वहां जाने के लिए भी तैयार हैं।
ट्रम्प के इस बयान पर ईरान की ओर से प्रतिक्रिया आई है। ईरानी मीडिया ने उनके दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किला बना रहे हैं। ईरान के सूत्रों का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव या सहमति नहीं बनी है। इस प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है।
इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव को देखते हुए वैश्विक देशों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस और ब्रिटेन करेंगे। इसमें संभावित नाकेबंदी और उसके कारण वैश्विक सप्लाई पर पड़ रहे असर पर चर्चा होगी। खास बात यह है कि इस बैठक में अमेरिका हिस्सा नहीं लेगा।