लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब शांति समझौते की उम्मीद बढ़ती नजर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच तैयार किए गए एक ड्राफ्ट पर कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया है। हालांकि अभी तक दोनों देशों की ओर से अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन इस खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने ड्राफ्ट में यह भरोसा जताया है कि वह परमाणु हथियार न तो बनाएगा और न ही किसी अन्य देश से हासिल करेगा। इसके साथ ही अंतिम समझौता होने तक वह अपने मौजूदा परमाणु कार्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा। ईरान यूरेनियम संवर्धन को आगे नहीं बढ़ाएगा और नए परमाणु केंद्रों के विस्तार पर भी रोक लगाए रखेगा। इससे क्षेत्र में परमाणु हथियारों को लेकर बढ़ी चिंताओं को कुछ हद तक कम करने की उम्मीद है।
ड्राफ्ट में सबसे अहम बात होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सामने आई है। दावा किया गया है कि ईरान सभी कारोबारी जहाजों के लिए इस समुद्री मार्ग को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है और इसके खुलने से वैश्विक व्यापार तथा तेल बाजार को राहत मिल सकती है। इसके बदले अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी में ढील देने और तेल निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियां हटाने की तैयारी कर सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ईरान की करीब 25 अरब डॉलर की जब्त संपत्ति जारी करने पर विचार कर सकता है। इसके अलावा ईरान के विकास और पुनर्निर्माण के लिए सहयोग की योजना भी बनाई जा सकती है। हालांकि ईरान की ओर से यह साफ कहा गया है कि बातचीत अभी जारी है और अंतिम समझौते की तारीख तय नहीं हुई है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब दोनों देशों की अगली घोषणा पर टिकी हुई हैं।