लाइव हिंदी खबर :- मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव गहराता दिखाई दे रहा है। ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरानी तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। ईरान के सख्त रुख ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उसकी मिसाइलें और ड्रोन पहले ही अमेरिकी ठिकानों पर लॉक किए जा चुके हैं और अब केवल आदेश मिलने का इंतजार है।

इस बयान के बाद फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेना भी लगातार इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो क्षेत्र में फिर बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है। अमेरिका ने ईरान को 14 बिंदुओं वाला एक नया प्रस्ताव भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें परमाणु कार्यक्रम सीमित करने यूरेनियम संवर्धन रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने जैसे मुद्दे शामिल हैं। बदले में अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने और उसकी जमी हुई संपत्ति जारी करने पर विचार कर सकता है। हालांकि ईरान ने अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम जवाब नहीं दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है और सही समय आने पर जवाब दिया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां तनाव बढ़ने का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो खाद्य पदार्थ, ईंधन और आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। दक्षिण एशियाई देशों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत की तैयारी चल रही है वहीं दूसरी तरफ लेबनान और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी हमले तेज हो गए हैं। ऐसे में दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश बातचीत के जरिए समाधान निकाल पाएंगे या हालात फिर बड़े युद्ध की तरफ बढ़ेंगे। आने वाले कुछ दिन पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।