लाइव हिंदी खबर :- बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफे ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को दिया जाने वाला अपना नियमित मध्य-वर्षीय दान फिलहाल रोक दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने यह फैसला फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े पुराने संपर्कों की स्वतंत्र समीक्षा पूरी होने तक लिया है। बताया जा रहा है कि बफे अंतिम निर्णय साल के अंत में ले सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक गेट्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क सुजमैन ने एपस्टीन से जुड़े पुराने संपर्कों की बाहरी और स्वतंत्र समीक्षा शुरू कराई है। इस जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि फाउंडेशन के कर्मचारियों और एपस्टीन के बीच किस प्रकार के संपर्क रहे थे और उनका स्वरूप क्या था। समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
95 वर्षीय वॉरेन बफे दुनिया के सबसे बड़े परोपकारियों में गिने जाते हैं। पिछले करीब 20 वर्षों में वे बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में फाउंडेशन के कार्यों को इस दान से बड़ा सहयोग मिला है। इस बार दान रोकने का फैसला अस्थायी माना जा रहा है और इसे समीक्षा प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।
गेट्स फाउंडेशन का नाम उस समय चर्चा में आया था जब अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में एपस्टीन और फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों के बीच पुराने ईमेल संपर्कों का उल्लेख सामने आया। इसके बाद फाउंडेशन ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र जांच शुरू कराई। फिलहाल इस मामले में न तो बर्कशायर हैथवे और न ही गेट्स फाउंडेशन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी नहीं हो सकी है।