लाइव हिंदी खबर :- कर्नाटक की राजनीति में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक बेंगलुरु में होने जा रही है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। बैठक से पहले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस विधायक दल उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुन सकता है।

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चर्चा की। इसके बाद कर्नाटक में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई। पार्टी नेतृत्व अब राज्य में सत्ता हस्तांतरण को सुचारू तरीके से पूरा करने की कोशिश कर रहा है ताकि संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बना रहे।
बेंगलुरु में होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला को पर्यवेक्षक बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार सिद्धारमैया खुद डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं। हालांकि यदि किसी कारण से सहमति नहीं बनती है तो पार्टी अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। बैठक के बाद नए नेता के नाम की जानकारी राज्यपाल को भेजी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक 1 जून को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई मौजूदा मंत्रियों को बाहर किया जा सकता है और नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है। चर्चा है कि नई सरकार में चार उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं, जो देश की राजनीति में एक बड़ा प्रयोग माना जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। डीके शिवकुमार के करीबी ज्योतिषी ने दावा किया है कि वे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस विधायक दल और पार्टी हाईकमान के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल पूरे राज्य की नजरें आज होने वाली बैठक और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।