लाइव हिंदी खबर :- दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा ने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नए सरकारी आवास की कुछ तस्वीरें जारी कर विवाद खड़ा कर दिया है। पार्टी का दावा है कि यह आवास बेहद आलीशान है और सादगी की बात करने वाले नेता अब विलासिता भरा जीवन जी रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि केजरीवाल के मन में अभी भी शीशमहल की सोच बनी हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी पैसे से आवास को बेहद भव्य बनाया गया है। उनके अनुसार जिस समय आम जनता कठिनाइयों का सामना कर रही थी उस दौरान भी इस तरह के निर्माण कार्य चलते रहे। भाजपा का कहना है कि जनता के सामने सच्चाई लाना जरूरी है ताकि लोग नेताओं के वास्तविक जीवन और उनके दावों के बीच का अंतर समझ सकें। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं वे पूरी तरह फर्जी हैं और उनका केजरीवाल के घर से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पारदर्शिता की बात है तो सभी नेताओं को अपने-अपने घर जनता के सामने खोलने चाहिए जिससे सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। आम आदमी पार्टी का मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल हाल ही में 95 लोधी एस्टेट स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट हुए हैं। यह आवास उन्हें राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के रूप में आवंटित किया गया था। यह बड़ा बंगला है जिसमें कई कमरे, ऑफिस स्पेस, लॉन और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। इससे पहले भी उनके मुख्यमंत्री आवास को लेकर विवाद हो चुका है जिसे विपक्ष शीशमहल कहकर आलोचना करता रहा है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर नेताओं की जीवनशैली और सरकारी खर्च को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ पारदर्शिता और सादगी की बात होती है वहीं दूसरी तरफ ऐसे आरोप जनता के मन में संदेह पैदा करते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का राजनीतिक असर क्या पड़ता है और क्या सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं।