लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर ) :- आज कल लोग इतने व्यस्त हो चुके हैं कि ज्यादा लिहाज से बात करने का समय किसी के पास नहीं है। लोगों के पास न बात करने का समय है और न ही बात सुनने का समय है। लेकिन लोगों से बातें करने से मन प्रसन्न रहता है। कुछ क्षेत्रों में देखा गया है कि व्यक्ति काम की व्यस्तता के कारण चिड़चिड़े हो जातें हैं। ये साधारण सी बात है। लेकिन बहुत समय ये चिड़चिड़ापन इतना बढ़ जाता है कि व्यक्ति भी इससे परेशान होने लगता है। व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। आज हम आपको इन कारणों के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे।

1)- बहुत समय ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति तनाव से ग्रस्त होता है। व्यक्ति अगर किसी काम को लेकर परेशान हो तो स्टेस हर्मोन का स्राव दिमाग में ज्यादा होने लगता है। इसका प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव में दिखने लगता है। ऐसे समय व्यक्ति बात बात पर गुस्सा होने लगता है। दूसरे लोगों से बातें करना पसंद नहीं करता है। कभी कभी व्यक्ति अवसाद का शिकार भी होने लगता है।
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2)- नशा करना अच्छी बात तो नहीं है। लेकिन बहुत लोग अपनी एनर्जी लेवल को बढ़ाने के लिए नशा का सहारा लिया करते हैं जैसे शराब, तम्बाकू आदि। नशा करते करते ये उनकी आदत बन जाती है। एवं नशा करने की मात्रा भी बढ़ती जाती है। ऐसे में दिमाग़ शरीर के हार्मोन्स का बैलेंस नहीं रख पाता है। इसका प्रभाव भी व्यक्ति के स्वभाव में दिखने लगता है। व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, गुस्सा भाव दिखने लगते हैं। और व्यक्ति धीरे धीरे नशे की चपेट में आने लगता है।

3)- अगर व्यक्ति का रक्त चाप नियंत्रित न रहे तो भी स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है। ऐसे समय व्यक्ति के शरीर में और भी अनेक लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जैसे ज्यादा पसीना आना, दिल की धड़कन का तेज़ हो जाना आदि।