लाइव हिंदी खबर :- चीन ने अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन शेनझोउ-21 मिशन के अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में मौजूद तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को अब लगभग एक महीने और स्पेस स्टेशन में रहना होगा। यह निर्णय अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने से जुडी नई तकनीकों और प्रक्रियाओं के परीक्षण के लिए दिया गया है। चीन लगातार अपने स्पेस प्रोग्राम को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है और यह कदम इस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

शेनझोउ-21 मिशन को 31 अक्टूबर को जिउक्कान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च -2F रॉकेट के जरिए सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। आमतौर पर इस तरह के मिशन में अंतरिक्ष यात्री करीब 6 महीने तक स्पेस स्टेशन में रहते हैं। इस मिशन में शामिल तीनों अंतरिक्ष यात्री अब 5 महीने से ज्यादा समय से अंतरिक्ष में है और लगातार अपने कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।
इस मिशन में झांग होंगझांग, वू फेई और कमांडर झांगलू शामिल है। सभी अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत और स्थिति सामान्य बताई जा रही है। आंतरिक स्टेशन में रहकर विभिन्न वैज्ञानिक के लोगों और तकनीकी परीक्षणों में लगे हुए हैं। लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के बावजूद उनकी कार्य क्षमता और मानसिक स्थिति स्थिर बनी हुई है, जो इस मिशन की सफलता का एक अहम संकेत माना जा रहा है।
पहले इन अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी अप्रैल के आस-पास से तय की गई थी, लेकिन अब मिशन को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। चीन के अंतरिक्ष अधिकारियों के मुताबिक इस फैसले का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों से जुड़ी चुनौतियों को समझना और उनका समाधान निकालना है। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री अपने वैज्ञानिक और तकनीकी प्रयोग को जारी रखेंगे। जिससे भविष्य में मिशन को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
शेनझोउ-21 मिशन का विस्तार चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल वैज्ञानिकों को नई जानकारी मिलेगी, बल्कि भविष्य में और लंबे समय तक चलने वाले मिशनों की तैयारी भी मजबूत होगी। यह मिशन चीन की अंतरिक्ष क्षमताओं को नई ऊंचाई तक ले जाने में मदद करेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति को मजबूत करेगा।