लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान से जुड़े तेल व्यापार को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठा रहे हैं। खास तौर पर चीन को ईरानी तेल मिलने से रोकने की बात कही गई है। इसके तहत उन जहाजो को रोका जा रहा है, जो ईरान से तेल लेकर जा रहे हैं या वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यानी आने और जाने वाले दोनो तरह के जहाजो पर पाबंदी लगाई गई है।

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गो में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका ने भारी सैन्य तैनाती की है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 10000 सैनिक और 12 नेवल जहाजो की तैनाती की गई है। नाकाबंदी के पहले 24 घंटे में कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुर्जर पाया। कुछ व्यापारिक जहाजों को बीच रास्ते से ही वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा।
अमेरिका की कार्रवाई का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। यदि यहां तनाव बना रहता है, तो तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होने की संभावना है। इसी बीच वाशिंगटन डीसी में इजरायल और लेबनान के बीच सीज फायर को लेकर बातचीत का पहला दौर शुरु हो चुका है।
यह बातचीत सकारात्मक बताई जा रही है और दोनों पक्ष आगे भी चर्चा जारी रखने के लिए तैयार हैं। इससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद जताई जा रही है। बता दे कि पिछले 24 घंटे में हालात तेजी से बदले हैं। अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान से जुड़े तेल व्यापार पर दी गई छूट खत्म करने का भी संकेत दिया है| वहीं दूसरी ओर यूरोपीय देश अलग से एक मिशन की योजना बना रहे हैं, ताकि यह समुद्री मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके। दूसरी ओर क्षेत्र में सैनिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं जिसे तनाव और गहरा था जा रहा है।