लाइव हिंदी खबर :- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल दिसंबर में अमेरिका के मियामी में होने वाली जी-20 समिट में शामिल हो सकते हैं। यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा में है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से रूस और पश्चिमी देशों के बीच रिश्तों में तनाव बना हुआ है। अगर पुतिन इस बैठक में आते हैं, तो यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन को इस समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि पुतिन की मौजूदगी से वैश्विक मुद्दों पर बातचीत को नया रास्ता मिल सकता है। ट्रम्प ने यह भी माना कि पहले रूस को G8 समूह से बाहर करना एक गलती थी जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर असर पड़ा।

रूस ने साफ किया है कि वह जी-20 को मौजूदा वैश्विक संकट के बीच एक महत्वपूर्ण मंच मानता है। इसलिए उसकी भागीदारी लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि खुद पुतिन इस समिट में शामिल होंगे या उनकी जगह कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि भेजा जाएगा। इस फैसले पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। पुतिन आखिरी बार 2019 में जी-20 बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण रूस और पश्चिमी देशों के बीच दूरी बढ़ती गई। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी भागीदारी सीमित हो गई थी।
अगर पुतिन इस समिट में शामिल होते हैं तो यह वैश्विक राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत हो सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नरमी आ सकती है और कई अहम मुद्दों पर बातचीत के नए रास्ते खुल सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह संभावित मुलाकात दुनिया की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।