लाइव हिंदी खबर :- गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक कार्यक्रम में देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और देश में रहने का अधिकार केवल नागरिकों को है। गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ को देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी के लिए खतरा बताया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को घुसपैठ से मुक्त करना है। उन्होंने बताया कि बीते आठ महीनों में उन्होंने सभी सीमावर्ती राज्यों का दौरा किया और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ रणनीति से जुड़े दस्तावेज साझा किए। आतंकवाद को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सरकार अपनी रणनीति को रोजमर्रा की कार्यवाही में लागू करेगी। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद जैसी आंतरिक सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों पर सरकार ने काफी हद तक नियंत्रण पाया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने विदेशों में छिपे भगोड़ों को भारत वापस लाने पर जोर दिया। उनके अनुसार 2019 से 2026 के बीच करीब 274 भगोड़ों को विदेश से भारत लाया जा चुका है। उन्होंने राज्यों से विदेश में मौजूद भगोड़ों को कानून के दायरे में लाने के लिए लक्ष्य तय करने को कहा। गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह लागू करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि एक साल में इन कानूनों को 100 प्रतिशत तक लागू करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर जोर दिया।
नशे के खिलाफ भी गृह मंत्री अमित शाह ने तृस्तरीय रणनीति अपनाने की बात कही। इसमें नशीले पदार्थों का पता लगाना उनके नेटवर्क को रोकना और उन्हें पूरी तरह खत्म करना शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर वैश्विक अस्थिरता, साइबर युद्ध, ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन और बढ़ते कट्टरपंथ जैसे मुद्दों पर भी तैयारी करने की जरूरत बताते हुए इस पर जोर दिया है।