लाइव हिंदी खबर :- नेपाल में नई सरकार बनने के कुछ ही समय बाद उसके खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। राजधानी काठमांडू सहित कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बालेन शाह की सरकार के कुछ फैसलों ने आम जनता, छात्रों और विपक्षी दलों में असंतोष पैदा कर दिया है। लगातार बढ़ते प्रदर्शन से सरकार पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

सरकार द्वारा भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लोगों के गुस्से का बड़ा कारण बना है। 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर शुल्क लगाने से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ये लोग लंबे समय से सीमा पार से खरीदारी पर निर्भर रहे हैं इसलिए इस फैसले को उनके रोजमर्रा के जीवन पर सीधा असर डालने वाला माना जा रहा है।
छात्र संगठनों पर सरकार के सख्त रुख ने विरोध को और तेज कर दिया है छात्रों का कहना है कि सरकार बातचीत करने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। देशभर में हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और कई जगह स्कूल यूनिफॉर् में सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इससे साफ है कि आंदोलन तेजी से फैलता जा रहा है।
सरकार के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब गृह मंत्री सुदन गुरंग पर आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध लेनदेन के आरोप लगे। विपक्ष और प्रदर्शनकारी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, इन आरोपों ने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया है और लोगों का भरोसा कमजोर किया है।
लगातार हो रहे प्रदर्शनों से सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है, आम लोग, छात्र और राजनीतिक दल मिलकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इन हालात से कैसे निपटती है और क्या वह अपने फैसलों में बदलाव करती है या नहीं फिलहाल नेपाल में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।