लाइव हिंदी खबर :- नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आने से कई इलाके प्रभावित हुए। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए इस सैलाब ने रास्तों, पुलों और आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाली मीडिया के अनुसार इस आपदा में अब तक 55 लोगों की मौत की खबर है। वहीं 500 से ज्यादा लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार कई भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि कई पुल बह गए और सड़क संपर्क टूट गया। बिजली से जुड़ी परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। नेपाल और चीन सीमा की ओर जाने वाला महत्वपूर्ण रास्ता प्रभावित होने से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी असर पड़ा है। कई लोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए हैं। अधिकारियों ने एक और बड़ी बाढ़ की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जिस ग्लेशियल झील के फटने के बाद अचानक पानी आया वहां अभी भी करीब सात मीटर ऊंचा पानी का अवरोध बना हुआ है। अगर यह अवरोध टूटता है तो दोबारा तेज बाढ़ आ सकती है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
अचानक आई बाढ़ की वजह को लेकर अलग-अलग आशंकाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि ल्हेंदे नदी में बर्फ का एवलॉन्च आने से पानी का रास्ता रुक गया होगा और बाद में अवरोध टूटने से तेज बहाव भोटेकोशी नदी में पहुंचा। इसी दौरान तिब्बत में 4.4 तीव्रता का भूकंप भी आया था। हालांकि दोनों घटनाओं के बीच संबंध की अभी जांच की जा रही है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना और अन्य राहत दल लगातार अभियान चला रहे हैं। कई सुरक्षाकर्मियों के भी लापता होने की खबर है। अधिकारियों की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है। आपदा के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।