लाइव हिंदी खबर :- पुलवामा में 2020 में हुए ग्रेनेड हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर हुई जहां अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था और भारत की सुरक्षा एजेंसियों की नजर में एक बड़ा आतंकी माना जाता था।

भारत सरकार ने साल 2022 में हमजा बुरहान को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया था। उसका नाम कई आतंकी गतिविधियों में सामने आया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था और संगठन के लिए युवाओं की भर्ती कराने में भी शामिल था। उस पर फंडिंग और कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप भी लगे थे।
हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। बताया जाता है कि वह कानूनी तरीके से वीजा लेकर पाकिस्तान गया था। वहां पहुंचने के बाद वह अल बद्र संगठन में शामिल हो गया और धीरे-धीरे संगठन का सक्रिय कमांडर बन गया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान में रहकर वह भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था।
18 नवंबर 2020 को पुलवामा के काकापोरा इलाके में CRPF के बंकर पर ग्रेनेड हमला हुआ था। हालांकि ग्रेनेड अपने लक्ष्य से चूक गया और सड़क पर फट गया जिससे कई नागरिक घायल हो गए थे। जांच के दौरान हमजा बुरहान का नाम इस साजिश में सामने आया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई शुरू की थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार हमजा बुरहान का संबंध कई बड़े आतंकियों से था। वह बुरहान वानी, जाकिर मूसा, अबू दुजाना और अबू कासिम का करीबी सहयोगी माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने का काम करता था। उसकी मौत को आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।