लाइव हिंदी खबर :- कैमरून दौरे के दौरान पोप लियो ने वैश्विक नेताओं पर तीखा हमला बोला है, बामेंडा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया आज कुछ शक्तिशाली और स्वार्थी नेताओं की वजह से विनाश की ओर बढ़ रही है। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई है और कहा कि अरबो डॉलर युद्ध पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन जैसे जरूरी क्षेत्र को नजर अंदाज किया जा रहा है।

पोप लियो ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध छेड़ना बहुत आसान होता है, लेकिन उसके परिणामों को ठीक करने में कई साल लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि युद्ध केवल इंसानों की जान ही नहीं लेता है बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को गहरे नुकसान पहुंचता है। उनके अनुसार जब तक दुनिया के नेता अपनी प्राथमिकताएं नहीं बदलेंगे, तब तक शांति कायम करना मुश्किल रहेगा।
पोप लियो ने उन नेताओं की भी कड़ी आलोचना की जो धर्म का सहारा लेकर युद्ध को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे पवित्रता का गलत इस्तेमाल बताया और कहा कि धर्म का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है ना कि उन्हें बांटना। उन्होंने दुनिया के सभी धर्म के धर्म गुरुओं से अपील की है कि वह शांति और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
अपने इस अफ्रीकी दौरे के दौरान पोप लियो ने कैमरुन सरकार से भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने को कहा उन्होंने भ्रष्टाचार खत्म करने और देश को बाहरी दवावों से बचने की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक जब तक शासन पारदर्शी और मजबूत नहीं रहेगा, तब तक आम लोगों की स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
पोप लियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष जारी है। उनका संदेश केवल नेताओं के लिए नहीं बल्कि आम लोगों के लिए भी है। वह शांति सहयोग और मान्यता को प्राथमिकता दें यह संदेश हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम विकास के सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं या नहीं?