लाइव हिंदी खबर :- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लैंड जिहाद, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाएगी। उनका कहना है कि राज्य की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अवैध रूप से भारत में आए हैं और देश की सुरक्षा या कानून के खिलाफ गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे उन्हें राज्य में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में विशेष होल्डिंग सेंटर बनाए जाएंगे। वहीं धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
सरकार ने साफ किया है कि भारतीय सेना का अपमान या देश विरोधी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान के विचार को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही आपातकाल का विरोध करने वाले लोगों को सम्मानित करने और लोकतंत्र सेनानी समिति बनाने की भी घोषणा की गई है।
सरकार ने सीमा सुरक्षा के लिए बीएसएफ को जमीन देने आयुष्मान भारत योजना लागू करने, नई जनगणना शुरू करने, सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा में राहत देने और नए आपराधिक कानून लागू करने जैसे कई अहम फैसले किए हैं। इसके अलावा चुनावी हिंसा के पीड़ित परिवारों की सहायता, कुछ वित्तीय सहायता योजनाओं में बदलाव और मवेशियों के वध से जुड़े नियमों को भी सख्ती से लागू करने की तैयारी की गई है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में बेहतर प्रशासन, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।