लाइव हिंदी खबर :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि RSS दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है लेकिन इसके बारे में सबसे ज्यादा गलतफहमियां भी फैली हुई हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग संघ को बाहर से देखकर अपनी राय बना लेते हैं जबकि इसकी वास्तविक कार्यप्रणाली और उद्देश्य को समझने के लिए उसके साथ जुड़ना जरूरी है। भागवत ने यह बात स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

मोहन भागवत ने कहा कि बाहर से देखने पर संघ हर व्यक्ति को अलग तरह से दिखाई देता है। कुछ लोग इसे अर्धसैनिक संगठन मान लेते हैं जबकि कुछ लोगों को यह भारतीय खेलों और पारंपरिक युद्ध कलाओं को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा जिम जैसा लगता है उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को केवल उसकी बाहरी गतिविधियों से नहीं समझा जा सकता। स्वयंसेवक संघ भी ऐसा ही संगठन है जिसकी सोच और कामकाज को करीब से देखने के बाद ही सही तरीके से जाना जा सकता है।
भागवत ने स्पष्ट किया कि स्वयंसेवक संघ की स्थापना किसी खास परिस्थिति की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं हुई थी। यह न तो किसी समाज, समुदाय या राजनीतिक दल के खिलाफ बनाया गया था और न ही इसका उद्देश्य किसी से विरोध करना है। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य देशहित और समाज सेवा है। पिछले कई दशकों से संगठन इसी दिशा में काम कर रहा है और आगे भी समाज के बीच रहकर सेवा कार्य करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि संघ के बारे में फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए शताब्दी वर्ष के दौरान विशेष अभियान चलाया जा रहा है इसके तहत स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच रहे हैं और संगठन की विचारधारा तथा उसके सामाजिक कार्यों की जानकारी दे रहे हैं भागवत ने कहा कि संघ को समझने का सबसे अच्छा तरीका उसके कार्यों को देखना और उसके साथ जुड़कर अनुभव करना है।
इस बीच हैदराबाद से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां 37 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईशा साहू अपनी छह महीने की बेटी को गोद में लेकर अपार्टमेंट की छठी मंजिल से कूद गईं। इस हादसे में महिला की मौत हो गई, जबकि बच्ची की जान बच गई। पुलिस के अनुसार, बच्ची सोलर फेंसिंग के तारों पर गिरने के कारण सुरक्षित बच गई और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला प्रसव के बाद से डिप्रेशन से जूझ रही थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।