मन की बात में मोदी ने जनगणना और विकास की बात रखी

लाइव हिंदी खबर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 133वें एपिसोड में देश के सामने चल रहे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने खास तौर पर जनगणना को दुनिया का सबसे बड़ा अभियान बताया और कहा कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख घरों की लिस्टिंग पूरी हो चुकी है जो इस बड़े काम की रफ्तार को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार जनगणना की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और आधुनिक बनाई गई है जिससे आम लोगों को सुविधा मिल रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार जनगणना में लोगों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है।

मन की बात में मोदी ने जनगणना और विकास की बात रखी

यह सुविधा कर्मचारी के आने से पहले ही उपलब्ध कराई जाती है जिससे लोग अपने समय के अनुसार जानकारी भर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक विशेष आईडी मिलती है जिसे बाद में सत्यापन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस नई व्यवस्था से समय की बचत होती है और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है। इससे नागरिकों में जागरूकता और भागीदारी भी बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आने वाले बुद्ध पूर्णिमा के अवसर का भी जिक्र किया। उन्होंने भगवान गौतम बुद्ध के जीवन और उनके संदेशों को आज भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि बुद्ध का संदेश हमें सिखाता है कि शांति बाहर नहीं बल्कि हमारे भीतर से शुरू होती है।

उन्होंने आत्मसंयम और आत्मविजय को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। यह संदेश आज के समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री ने कच्छ के रण का उदाहरण देते हुए पर्यावरण संरक्षण की सुंदर तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि हर साल यहां लाखों फ्लेमिंगो पक्षी आते हैं और पूरा क्षेत्र गुलाबी रंग में बदल जाता है। स्थानीय लोग इन्हें लाखा जी के बाराती कहते हैं। यह दृश्य न केवल प्रकृति की सुंदरता को दर्शाता है बल्कि पर्यावरण के महत्व को भी समझाता है। उन्होंने लोगों से प्रकृति के संरक्षण में योगदान देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पवन ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

देश की विंड एनर्जी क्षमता 56 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में इस क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ रहा है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने सौर और पवन ऊर्जा को देश के भविष्य के लिए जरूरी बताया। प्रधानमंत्री ने नॉर्थईस्ट के बांस उद्योग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले कानून के कारण इस क्षेत्र में काम करना मुश्किल था लेकिन 2017 में नियमों में बदलाव के बाद इस सेक्टर में तेजी आई है। अब बांस से जुड़े व्यवसाय फल-फूल रहे हैं और लोगों को नए रोजगार मिल रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।

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