युद्ध की नई तैयारी में जुटा भारत, हर सैनिक के पास होगा ड्रोन

लाइव हिंदी खबर :- भारत अब आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी ड्रोन फोर्स तैयार कर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियानों के अनुभवों के बाद भारतीय रक्षा तंत्र ने यह अहम फैसला लिया है। इस नई फोर्स में करीब 50 हजार जवानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो किसी भी हमले की स्थिति में सबसे पहले जवाबी कार्रवाई करेंगे। सेना का मानना है कि आने वाले समय में युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा जहां ड्रोन सबसे महत्वपूर्ण हथियार बनकर उभरेंगे। नई ड्रोन फोर्स को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

युद्ध की नई तैयारी में जुटा भारत, हर सैनिक के पास होगा ड्रोन

इसके साथ ही BSF और ITBP जैसे सुरक्षा बलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार अगले तीन वर्षों में देशभर में 15 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे, जहां जवानों को आधुनिक तकनीक वर्चुअल रियलिटी और सिम्युलेटर के जरिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे सैनिकों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में तैयारी करने का मौका मिलेगा। भारतीय सेना की योजना है कि भविष्य में हर जवान को ड्रोन संचालन की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाए। युद्ध के मैदान में सैनिकों के पास व्यक्तिगत ड्रोन होंगे जिनका उपयोग निगरानी दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और सटीक हमले के लिए किया जाएगा। सेना की हर कोर में हजारों ड्रोन शामिल करने की योजना बनाई गई है। इससे भारत की युद्ध क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में ड्रोन, मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़ी नई कंपनियां लगातार काम कर रही हैं। पहले जिन तकनीकों के लिए भारत विदेशों पर निर्भर था अब वे देश में ही विकसित की जा रही हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की बड़ी सैन्य ताकतों में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।

भविष्य की लड़ाई केवल जमीन तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि अंतरिक्ष, समुद्र और साइबर दुनिया तक फैलेगी। ऐसे में ड्रोन फोर्स भारत की सुरक्षा का सबसे मजबूत हिस्सा बन सकती है। सेना अब ऐसे ड्रोन विकसित करने पर भी काम कर रही है जो बिना GPS के उड़ सकें और जिन्हें जाम करना आसान न हो। इससे दुश्मन की तकनीकी चुनौतियों का सामना करना और आसान हो जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top