लाइव हिंदी खबर :- आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इस दस्तावेज में कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों को लेकर कुछ प्रतिबंधों की बात कही गई जिससे मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर संगठनों से जुड़े लोग लेंसकार्ट के स्टोर्स पर पहुंचकर कर्मचारियों को तिलक लगाते और कलावा बांधते नजर आए। इस तरह के विरोध ने विवाद को और बढ़ा दिया है और कंपनी पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
विवाद का मुख्य कारण यह है कि कथित पॉलिसी में बिंदी, तिलक और कलावा जैसे प्रतीकों पर रोक की बात कही गई जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई बताई गई। इसी मुद्दे पर धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। इस बीच धीरेंद्र शास्त्री के बयान ने भी विवाद को और तूल दे दिया है।
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी सभी धर्मों और परंपराओं का सम्मान करती है और मौजूदा गाइडलाइन में ऐसा कोई भेदभाव नहीं है। कंपनी का कहना है कि उसके हजारों कर्मचारी अपने-अपने विश्वास के अनुसार काम करते हैं।
यह विवाद अब सिर्फ एक कंपनी की पॉलिसी तक सीमित नहीं रहा बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समूह अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस विवाद को कैसे सुलझाती है और आगे क्या कदम उठाती है।