वैश्विक संकट के बीच वित्त मंत्री का फोकस 3Fs पर, अर्थव्यवस्था को बताया मजबूत

लाइव हिंदी खबर :- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देश के लिए तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि फ्यूल, फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फॉरेक्स यानी विदेशी मुद्रा भंडार ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर वर्तमान समय में सबसे अधिक फोकस करना आवश्यक है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच इन क्षेत्रों की स्थिति देश की आर्थिक मजबूती को प्रभावित कर सकती है।

वैश्विक संकट के बीच वित्त मंत्री का फोकस 3Fs पर, अर्थव्यवस्था को बताया मजबूत

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने से सरकारी राजस्व पर बड़ा असर पड़ा है। उनके अनुसार इस फैसले से सरकार को लगभग एक लाख करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके बावजूद सरकार ने आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इन बढ़ी हुई कीमतों का असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सोने की बढ़ती कीमतें और विदेशी मुद्रा पर दबाव जैसी स्थितियां अतिरिक्त चुनौतियां पैदा कर रही हैं। ऐसे समय में संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना बेहद जरूरी हो जाता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ लोग देश में अनावश्यक नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। सरकार की नीतियां विकास को बनाए रखने और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही हैं।

अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के भुगतान में हो रही देरी पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि बड़ी राशि अभी भी भुगतान के रूप में अटकी हुई है, जिससे छोटे उद्योगों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकारी कंपनियों से समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की ताकि एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती मिल सके और रोजगार व उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। वैश्विक चुनौतियों के बीच सरकार का मानना है कि सावधानी, संसाधनों का संतुलित उपयोग और मजबूत आर्थिक नीतियां देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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