हंतावायरस से दहशत में क्रूज शिप, जहाज पर मौजूद हैं 2 भारतीय

लाइव हिंदी खबर :-  अटलांटिक महासागर में सफर कर रहे क्रूज शिप MV होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है जबकि तीन यात्रियों की मौत हो गई है। जहाज फिलहाल अफ्रीका के पास निगरानी में रखा गया है और यात्रियों की लगातार मेडिकल जांच की जा रही है। यह क्रूज मार्च में दक्षिण अमेरिका के उशुआइया शहर से रवाना हुआ था और अब स्पेन के कैनरी आइलैंड पहुंचने वाला है।

हंतावायरस से दहशत में क्रूज शिप, जहाज पर मौजूद हैं 2 भारतीय

नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने बताया कि हंतावायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है। उन्होंने कहा कि इंसान से इंसान में इसका संक्रमण बहुत मुश्किल से फैलता है। डॉक्टरों के अनुसार यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। हालांकि कुछ खास स्ट्रेन में सीमित मानव संक्रमण की संभावना रहती है लेकिन इसकी गति कोरोना वायरस जैसी नहीं होती।

जहाज पर जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण मिले हैं उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को तब तक अलग रखा जाएगा जब तक उनके लक्षण पूरी तरह खत्म नहीं हो जाते। इसके बाद दोबारा जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है और कई बार लक्षण दिखने में छह हफ्ते तक लग सकते हैं। इसी वजह से संक्रमित लोगों को लंबे समय तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आशंका जताई है कि जहाज पर मिले संक्रमण का संबंध एंडीज स्ट्रेन से हो सकता है। यह स्ट्रेन दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाया जाता है और कुछ मामलों में इंसानों के बीच भी फैल सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि संक्रमित दंपती यात्रा शुरू होने से पहले अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। माना जा रहा है कि वहीं से वायरस का संपर्क हुआ होगा। अब एजेंसियां उनकी पूरी यात्रा की जांच कर रही हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस मामले को गंभीर जरूर बताया है लेकिन आम लोगों के लिए फिलहाल बड़ा खतरा नहीं माना है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच, आइसोलेशन और सावधानी से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। जहाज पर मौजूद यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी लगातार जारी है और स्पेन पहुंचने पर सभी का विस्तृत मेडिकल टेस्ट किया जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top