लाइव हिंदी खबर :- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से जुड़ी एक बड़ी झील का नाम बदलने को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका रखने के बारे में सोच रहे हैं। अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है और नाम बदलने की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है।

लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिका की पांच प्रमुख झीलों में शामिल है। इसका एक हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से जुड़ा है जबकि दूसरा हिस्सा कनाडा के ओंटारियो प्रांत से लगा हुआ है। कनाडा का प्रमुख शहर टोरंटो भी इसी झील के किनारे बसा है। दोनों देशों के लिए यह झील पानी, व्यापार, मछली पालन और पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। अमेरिका अपनी सरकारी फाइलों, नक्शों और दस्तावेजों में किसी जगह का नया नाम इस्तेमाल करने का फैसला कर सकता है।
लेकिन इससे कनाडा उस नाम को मानने के लिए बाध्य नहीं होगा। कनाडा अपने सरकारी रिकॉर्ड में लेक ओंटारियो नाम का इस्तेमाल जारी रख सकता है। दूसरे देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन भी अमेरिकी नाम को अपने आप स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं होंगे। लेक ओंटारियो का नाम काफी पुराना माना जाता है। ओंटारियो शब्द को मूलनिवासी ह्यूरॉन भाषा से जुड़ा माना जाता है और इसका अर्थ सुंदर झील बताया जाता है। बाद में यूरोपीय मानचित्रों में भी यही नाम इस्तेमाल होने लगा। इसी झील के नाम से कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी जुड़ा है।
ट्रम्प पहले भी भौगोलिक नाम बदलने को लेकर चर्चा में रहे हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल के लिए गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम गल्फ ऑफ अमेरिका करने का आदेश दिया था। मेक्सिको ने इस नाम को स्वीकार नहीं किया। अमेरिका और कनाडा के बीच इस समय व्यापार और टैरिफ को लेकर भी तनाव चल रहा है। इसके अलावा कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने संबंधी ट्रम्प की टिप्पणियों और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद हैं। ऐसे माहौल में लेक ओंटारियो का नाम बदलने वाला बयान दोनों देशों के रिश्तों को लेकर फिर चर्चा में आ गया है।