लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत हासिल कर संसद के दोनों सदनों में बहुमत पा लिया है। इस नतीजे के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डेमोक्रेटिक सांसद अब ट्रम्प प्रशासन के फैसलों और उनके परिवार के कारोबारी मामलों की जांच कराने की तैयारी में हैं। पार्टी नेताओं ने साफ किया है कि वे सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखेंगे। डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने ट्रम्प और उनके परिवार की बढ़ती संपत्ति को जांच के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है। जांच में ट्रम्प के बेटों और दामाद जेरेड कुशनर के कारोबारी सौदों पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं।

डेमोक्रेट्स का आरोप है कि राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया गया। हालांकि ये आरोप हैं और जांच के बाद ही इनकी सच्चाई सामने आएगी। डेमोक्रेटिक पार्टी जेफ्री एपस्टीन मामले में ट्रम्प प्रशासन की भूमिका की भी पड़ताल करना चाहती है। इसके अलावा अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE की कार्रवाई, सरकारी नीतियों और कारोबारी हितों से जुड़े मामलों की जांच की योजना है। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों पर प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा। डेमोक्रेट्स ने महाभियोग की संभावना से इनकार नहीं किया है लेकिन फिलहाल उनका मुख्य जोर जांच और संसदीय निगरानी पर है।
अमेरिका में महाभियोग प्रस्ताव पहले प्रतिनिधि सभा से पास होता है। राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए सीनेट में दो-तिहाई समर्थन जरूरी होता है। ट्रम्प अपने पहले कार्यकाल में 2019 और 2021 में दो बार महाभियोग का सामना कर चुके हैं। हालांकि दोनों मामलों में सीनेट ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया था। अब डेमोक्रेट्स की नई संसदीय ताकत के कारण आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति में टकराव और तेज हो सकता है।