लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर ) :- आज कल हर कोई चाहता है कि उसका शरीर दुबला पतला हो। ये व्यक्ति की पर्सनालिटी डेवलपमेंट में बहुत सहयोग करता है। लेकिन बहुत समय देखा जाता है किसी किसी के क्षेत्र में उम्र के साथ साथ पेट का मोटापा बढ़ने लगता है। व्यक्ति की द्रष्टि पहले चेहरे पर जाती है पर उसके बारे सीधे पेट पर ही चली जाती है। अतः पेट में थोड़ी मात्रा में भी मोटापा आने पर व्यक्ति की स्मार्टनेस आधी रह जाती है। आज हम आपको बताने की कोशिश करेंगे कि किन किन कारणों से पेट का मोटापा बढ़ता है।

1)- खाना खाने के तुरंत बाद कभी नहीं सोना चाहिए। सोते समय हमारे शरीर की मेटाबॉलिक रेट कम हो जाती है। अर्थात खाना पचाने की प्रक्रिया धीमी गति से चलने लगती है। इस कारण खाना ठीक से नहीं पच पाता है और ये वसा का रूप लेकर पेट में जमने लगता है। वसा जमने की शुरुआत सबसे पहले पेट से ही होती है और फिर धीरे धीरे ये सारे शरीर में जमने लगती है। अतः खाना खाने के कम से कम डेढ़ से दो घंटे बाद ही सोने जाना चाहिए। ऐसा करने से खाना ठीक से हज़म होने लगता है और मोटापा बढ़ता नहीं है।
2)- बच्चे जब छोटे होते हैं तो वो दौड़ कूद करते हैं लेकिन जैसे जैसे व्यक्ति बड़ा होता जाता है उसकी शारीरिक क्रियाएं कम होने लगती है। हमारे शरीर में 10-14 वर्ष की उम्र के बीच अधिक मात्रा प्रोटीन की जरूरत होती है। क्योंकि इस समय हमारे शरीर में कई तरह के विकास पूर्ण काम होते रहते हैं। लेकिन एक निश्चित उम्र के बाद हमारे शरीर की वृद्धि होनी बन्द हो जाती है।
तब हमारे शरीर को कम मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। लेकिन आदत के अनुसार व्यक्ति एक जैसा ही खाना खाता है अतः ये अतिरिक्त प्रोटीन वसा का रूप लेकर पेट में जमना शुरू कर देता है। और इस कारण पेट का मोटापा बढ़ता रहता है। लेकिन व्यक्ति अगर शारीरिक परिश्रम करें तो ये वसा ऐनर्जी में बदलकर खर्च होने लगता है।