लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर ) :- खुबसूरत बाल सबकी चाहत होती है। शरीर में किसी तरह की कमजोर होने पर ही इसका असर सबसे पहले बालों पर दिखने लगता है। बाल ज्यादा से ज्यादा गिरने लगते हैं। बालों की चमक कम हो जाती है। रूखापन नजर आने लगते हैं। लोग तब कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं जिससे उनके बाल अच्छे हो जाएं। लेकिन ज्यादा कैमिकल्स का इस्तेमाल करने से बालों की अवस्था और भी ख़राब होने लगती है। वातावरण में मौजूद प्रदुषण के कारण बाल गन्दे हो जातें हैं। बहुत समय तो बाल गिरने का यह भी एक कारण माना जाता है। बालों में गन्दगी होने से बालों की जड़ों को अक्सिजन नहीं मिल पाता है एवं इस कारण बाल जड़ों से कमजोर होने लगते हैं और झरने लगते हैं। आज हम आपको बालों के बारे में ही जानकारी देने की कोशिश करेंगे।
टीवी पर या अन्य माध्यमों में बहुत तरह के बिज्ञापन दिए जाते हैं। तरह तरह के शैम्पू के बिज्ञापन होते हैं।कहां जाता है कि इस शैम्पू को इस्तेमाल करने से बाल लम्बे ,मजबूत बनेंगे। दरअसल ऐसा कुछ होता नहीं है। शैम्पू केवल बालों को धोने का काम करते हैं। शैम्पू में बालों को लम्बा या घना बनाने के गुण नहीं होते हैं।
जो शैम्पू ज्यादा क्षारीय होता है वो बालों को अच्छे से साफ़ करता है। लेकिन इसमें ज्यादा क्षारीय होने के कारण बाल कमजोर होने लगते हैं। बालों की नैचुरल शाइन दूर होने लगती है। एवं जो शैम्पू कम क्षारीय होते हैं वह बालों को कम नुक़सान पहुंचते हैं। लेकिन शैम्पू लगाने से बालों को मजबूत नहीं मिलती है। हां ये बात सच है कि कम क्षारीय शैम्पू के इस्तेमाल से बाल कम टूटते हैं।

सप्ताह में दो बार शैम्पू करना चाहिए। ऐसा करने से बाल गन्दे भी नहीं होंगे और उनका टूटना भी कम हो जाता है। बालों को जो पूष्टि मिलती है वो तो तेल से ही मिल पाती है। शैम्पू करने से पहले दिन तेल लगाने से बालों को पुष्टि मिल जाती है। एवं बाकी अतिरिक्त शैम्पू से धुल जाता है। तेल लगाने से जड़ों तक तेल पहुंचता है एवं ये बालों की फ्लेक्सिब्लिटी को बढ़ाने का काम करता है। इस कारण बालों का टूटना कम होता है।तेल लेते समय भी ये देखना चाहिए कि ज्यादा कैमिकल्स युक्त न हो।