लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर) :- ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने दही के गुणों को बताते हुए अनहैल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ी डायबिटीज के नियंत्रण में इसे प्रभावी व कुदरती प्रोबायोटिक माना है। शोधकर्ताओं ने कम फैट वाले दूध से बने दही को पेट और पाचन के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि रोजाना 100 ग्राम यानी पूरे हफ्ते में 700 ग्राम दही खाने से टाइप टू डायबिटीज होने का खतरा कम होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार दही लो ग्लाइस्मिक इंडेक्स में शामिल है यानी इसे खाने से शरीर में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ती। यह आसानी से पच भी जाता है और इसमें मौजूद कैल्शियम डायबिटीज के खतरे को कम करता है। रोजाना एक कटोरी दही खाना चाहिए।

विशेषज्ञ की राय
फरमंटेशन की प्रक्रिया के बाद दूध से दही बनता है, इसलिए दूध की तुलना में इसमें शुगर की मात्रा कम होती है।अक्सर लोग बीमारी के डर से रात में दही नहीं खाते लेकिन इसे किसी भी समय खाया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि इसे फ्रिज से निकालकर तुरंत न खाया जाए।