लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर ) :-    दोपहर को पेट भरकर खाना खाने के बाद एक बार नींद जरूर आती है। बहुत लोगो में दोपहर को सोने की आदत होती है बहुत लोगों में ये आदत नहीं पाई जाती है। दोपहर को सोने के लाभ भी है और नुक़सान भी। व्यक्ति को रात को हल्का भोजन करना चाहिए। इससे शरीर स्वस्थ रहता है। लेकिन शरीर को ताकत भी मिलनी चाहिए। अतः शरीर की ताकत के लिए दोपहर को भरपूर मात्रा में भोजन करना चाहिए। दोपहर में भोजन करने से ये जल्दी हजम भी हो जाता है और शरीर को ताकत भी मिलती है।

इन लोगों को दिन में नहीं चाहिए सोना! जानें इस आदत के लिए क्या कहता है  आयुर्वेद | TV9 Bharatvarshआज हम आपको दोपहर में सोने के नुक़सान के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे। वैसे तो दोपहर में सोने के कई लाभ भी होते हैं लेकिन आज केवल नुक़सान के बारे में बताने की कोशिश करेंगे।

1)- दोपहर को भर पेट खाना खाने के बाद ही चुस्ती आने लगती है।खाना खाने के तुरंत बाद सोने से पल भर में नींद आ जाती है। लेकिन खाना खाने के बाद पचने कम से कम 2-3 घंटे लग जाते हैं। लेकिन सोने से मेटाबॉलिक रेट कम हो जाता है। और खाना ठीक से नहीं पच पाता है। इस कारण शरीर में जगह-जगह वसा की मात्रा बढ़ने लगती है। इस कारण शरीर का मोटापा बढ़ता है। मोटापा ज्यादातर पेट से शुरू होता है।

क्या 8 घंटे की नींद जरुरी है? neend2)- अगर कोई व्यक्ति 45-90 मिनट की झपकी दोपहर को लें तो ठीक है। इससे दिमाग़ को विश्राम मिलता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति ज्यादा समय के लिए दोपहर को सोने लगे और ये क्रम चलता ही रहे तो व्यक्ति के याददाश्त में फर्क देखा जा सकता है। व्यक्ति के याद रखने की शक्ति कमजोर पड़ सकती है। अतः जो लोग ज्यादा दिमाग़ का काम करते हैं विशेष रूप से विद्याथिर्यों को दोपहर को कम समय के लिए सोना चाहिए।

3)- ज्यादा देर तक दोपहर को सोने से शरीर में आलस्य भी आ जाता है। इस कारण कोई काम करने का मन नहीं करता। व्यक्ति के काम बाकी रह जाते हैं।जो भविष्य के लिए अच्छी बात नहीं है।