लाइव हिंदी खबर :- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को कई राज्यों में प्रदर्शन किया। दिल्ली, पटना, देहरादून, चंडीगढ़, कोलकाता और गुवाहाटी समेत कई शहरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मार्च और प्रदर्शन किए। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जबकि देहरादून में कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। कांग्रेस का विरोध मुख्य रूप से मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और इससे पात्र लोगों के मतदान अधिकार पर असर पड़ सकता है। वहीं चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया बताता रहा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है। पार्टी ने 48 घंटे की समयसीमा देने के बाद कहा है कि अगर इस्तीफा नहीं दिया गया तो 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन को अलग-अलग शहरों तक ले जाने की बात कही है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं।
रिपोर्ट में मतदाता डेटा, नए मतदाताओं के फॉर्म और सॉफ्टवेयर से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख है। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि ऐसी आपत्तियां प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम फैसले आयोग ने सर्वसम्मति से लिए हैं। एसआईआर से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी याचिकाएं पहुंची हैं। महाराष्ट्र में दायर याचिकाओं में एसआईआर की प्रक्रिया और उससे जुड़े कुछ आदेशों को चुनौती दी गई है। इनमें प्रभावित मतदाताओं के नाम बहाल करने और प्रक्रिया की समीक्षा की मांग भी की गई है।