लाइव हिंदी खबर :- अमेरिका के मिसौरी राज्य में सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप के खिलाफ गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स की वजह से 12 साल की एक बच्ची तक आरोपी की पहुंच आसान हो गई जिसके बाद उसके साथ दुष्कर्म की घटना हुई। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने स्नैपचैट के जरिए बच्ची से संपर्क बनाया और उसे अपने जाल में फंसाया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

मुकदमे में दावा किया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स ने आरोपी को आसपास की नाबालिग लड़कियों तक पहुंचने में मदद की। शिकायत के अनुसार प्लेटफॉर्म ने आरोपी को सामान्य और भरोसेमंद यूजर की तरह दिखाया जबकि नाबालिगों को यह जानकारी या चेतावनी नहीं दी गई कि वे किसी अजनबी से जुड़ रहे हैं। इससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। अमेरिका में केवल स्नैपचैट ही नहीं बल्कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियां भी कई मामलों का सामना कर रही हैं।
इन कंपनियों पर आरोप है कि इनके प्लेटफॉर्म बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाते। अदालतों में ऐसे हजारों मामले लंबित हैं जिनमें सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों का जिक्र किया गया है। भारत स्नैपचैट का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है और यहां इसके 25 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय यूजर हैं।
ऐसे में यह मामला भारतीय यूजर्स खासकर बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए भी चेतावनी की तरह है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना चाहिए और अभिभावकों को उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए ताकि वे किसी भी तरह के साइबर खतरे से सुरक्षित रह सकें।